Tuesday, July 14, 2020
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सुमित्रानंदन पंत का जीवन परिचय

सुमित्रानंदन पंत के अमर गायक कविवर सुमित्रानंदन पंत का जन्म 22 मई सन उन्नीस सौ में को अलमाड़ा के निकट कौसानी नामक ग्राम में हुआ था जन्म के 6 घंटे के बाद ही उनकी माता का देहांत हो गया पिता तथा दादी के वात्सल्य की छाया में इनका प्रारंभिक लालन-पालन हुआ पंत जी ने 7 वर्ष की अवस्था में ही कब रचना आरंभ कर दी थी पंत जी की शिक्षा का पहला चरण अल्मोड़ा में पूरा हुआ यहीं पर उन्होंने अपना नाम कुसाई दत्त में बदलकर सुमित्रानंदन पंत रख लिया 1919 जी अपने बड़े भाई के साथ बनारस चले गए यहां पर उन्होंने क्विज कॉलेज में शिक्षा प्राप्त की सन 1950 में वे ऑल इंडिया रेडियो के परामर्शदाता के पद पर नियुक्त हुए और अप्रत्यक्ष रूप से सरस्वती के इस पुजारी ने 28 दिसंबर सन 1977 ईस्वी को इस संसार से सदैव के लिए विदाई ले ली
 साहित्यिक परिचय छायावादी युग के ख्याति प्राप्त कवि सुमित्रानंदन पंत 7 वर्ष की उम्र में ही कविताओं की रचना करने लगे थे उनकी प्रथम रचना सन 1916 ईस्वी में सामने आई गिरिजा का घाटा नाम एक्सप्रेस नामक इस रचना के पश्चात निरंतर काव्य साधना में तल्लीन रहे सन 1919 ईस्वी में इलाहाबाद के कॉलेज में प्रवेश लेने के लिए के पश्चात उनकी काव्यात्मक सूची और भी अधिक विकसित हुई सन 1920 ईस्वी में उनकी रचनाएं एवं ग्रंथि प्रकाशित हुई सन् 1921 में उन्होंने महात्मा गांधी के आवाहन पर कॉलेज छोड़ दिया और राष्ट्रीय मुक्ति आंदोलन में सम्मिलित हो गए परंतु अपनी कोमल प्रकृति के कारण सत्याग्रह में सक्रिय रुप से सहयोग नहीं कर पाए और सत्याग्रह छोड़कर पुनकाबी साधना में लीन हो गए उनके सन 1922 एवं 1939 प्रारंभ किया प्रारंभ किया और

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